Skip to main content

महादेव का पुजारी हू।

 मैं प्रेम का पुजारी हूं।

मैं क्रोध का पुजारी हू।

मैं न्याय का पुजारी हू।

मैं अवघड का पुजारी हू,

क्योकि मैं महादेव का पुजारी हू।

I am a priest of love.

 I am a priest in anger.

 I am a priest of justice.

 I am a priest of Avghad Because I am a priest of Mahadev.



Comments

Popular posts from this blog

Respect and success ( इज्जत और क़ामयाबी)

  इज्जत और क़ामयाबी दोनों संभाल कर रखना चाहिए क्योंकी दोनों अगर नीचे गिरे तो फिर से कमाना बहुत मुश्किल हो जाता है। Respect and success must be maintained because if both fall down, it becomes very difficult to earn again

Teri Baate

 मुझे तेरी अकड़ से ज्यादा, तेरी बातें अच्छी लगती हैं।  क्योकी सुना हैं ,बाप के गुण बेटो में ही जाते हैं।।

Shayri for life partner

  तू ही मेरी जिंदगी ये तू क्यो नही समझती, तू ही मेरी आरज़ू है तू ये क्यो नही समझती। रानी तुम ने बोला की मैने तुमको हक नही दीया, तू मेरा दर्द क्यो नही समझती ।। अपना कर के पराया कर दिया मुझे, ये तू क्यो नही समझती।। ।